बुलंदशहर
जनपद बुलंदशहर में हुई हिंसा में गोली लगने से मारे गए सुमित के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर आरोप लगाया कि सुमित की पुलिसवालों ने ही गोली मारकर हत्या की है। सुमित अपने दोस्त को स्टैंड तक छोड़ने गया था और 5 मिनट बाद ही उसे गोली लगने की सूचना मिल गई।

 परिजनों ने कहा कि उनके बेटे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह दंगे में शामिल नहीं था। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली से उसकी मौत हुई है। इंस्पेक्टर परिवार के बराबर उन्हें मुआवजा दिया जाए और परिजन को सरकारी नौकरी मिले। पोस्टमार्टम के बाद सुमित के शव को बुलंदशहर रवाना कर दिया गया। इस दौरान एसपी सिटी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि सुमित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। एसपी सिटी ने बताया कि सुमित की मौत प्रथम दृष्टया गोली लगने की वजह से ही हुई है। गोली सरकारी हथियार से चली या फिर किसी दंगाई ने चलाई, यह जांच का विषय है।
 इस बीच एडीएम ने सुमित के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद दिलवाने की घोषणा की गई परन्तु वग शहीद कोतवाल सुबोध के परिजनों के लिए घोषित राशि व एक सदस्य को नौकरी की मांग पूरी होने तक सुमित का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े रहे। सांसद डॉ. भोला सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह जिले के सातों विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उन्हें यथासंभव मदद दिलवाई जाएगी। इसके बाद ही सुमित का अंतिम संस्कार हो सका।
 जनपद बुलंदशहर के चिंगरावठी गांव में भीड़ की हिंसा के बाद ग्रामीणों ने दावा किया कि कई लोग पुलिस कार्रवाई के डर से घर छोड़कर चले गए हैं और सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे। गांव में और आसपास कड़ी सुरक्षा की गई थी जो बुधवार को थोड़ी कम दिखाई दी। चिंगरावठी पुलिस चौकी और गांव के आसपास आरएएफ, यूपी पीएसी और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

Source : Agency