नई दिल्ली
भारत की दो विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले और देश के सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गौतम गंभीर ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘अब सफर खत्म हो गया गौती’’ का, कर्कश शोर उनकी खेल जारी रखने की इच्छा पर विजय प्राप्त करने में सफल रहा। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 10,000 से अधिक रन बनाने वाले इस 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में खेल के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नई पारी की शुरुआत का ऐलान भी किया। गौतम की नई पारी क्या होगी इस पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक न्यूज चैनल के साथ इंटरव्यू में गंभीर ने बहुत सी बातों का खुलकर जवाब दिया और उसमें कही न कही नई पारी की ओर भी एक इशारा किया।
 
राजनीति में गंभीर की एंट्री
राजनीतिक मसलों पर अपनी बेबाक टिप्पणियां करने वाले गंभीर क्या खुद इसमें कदम रखेंगे के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर देश की सेवा करने का मौका मिलता है तो मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने का सबसे बेहतर रास्ता राजनीति और अगर मैं इसमें आया तो रबर स्टैम्प नहीं बनूंगा। गंभीर के इस ऐलान के बाद अब चर्चा शुरू हो गई है कि वे किस सीट और किस पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं। सियासी गलियारे में चर्चा है कि गंभीर नई दिल्ली संसदीय सीट से भाजपा की तरफ से उम्मीदवार हो सकते हैं। बता दें कि इस सीट पर फिलहाल भाजपा की मीनाक्षी लेखी सांसद हैं।
 
केजरीवाल पर तंज
गौतम गंभीर आम आदमी पार्टी और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से खासे नाराज है और वे दो-तीन बार ट्वीट के जरिए आप पर निशाना भी साथ चुके हैं। हाल ही में उन्होंने ट्वीट करके दिल्ली प्रदूषण पर केजरीवाल पर तंज कसा था। पूर्व क्रिकेटर ने ट्वीट किया था कि 'छंटा धुआं, मफलर में लिपटा फ्रॉड, आखिरकार यह जुर्माना कौन देगा, सीधी-सी बात है, मैं यानी टैक्‍स चुकाने वाला। मैं यह कह सकता हूं कि मेरा टैक्‍स दिल्‍ली के सीएम की बेरुखी के लिए नहीं है। गंभीर ने यह ट्वीट केजरीवाल और आप तो टैग भी किया था।
 
सिद्धू को नहीं जाना चाहिए था पाकिस्तान 
पूर्व क्रिकेटर और पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने को लेकर गंभीर ने अपनी बात रखी। गौतम ने कहा कि सिद्धू को पाकिस्तान नहीं जाना चाहिए था क्योंकि किसी को भी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है। गंभीर ने कहा पाकिस्तान के साथ अत्छे संबंध होने चाहिए और हालात भी बदलने चाहिए लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो अच्छा क्रिकेटर हो वो एक बेहतर प्रधानमंत्री भी होगा।
 सोच-समझ कर लिया संन्यास का फैसला
गंभीर ने कहा कि संन्यास के फैसले पर पहुंचने से पहले उन्होंने इस पर काफी विचार किया। उन्होंने कहा कि मेरे मन में विचार कौंध रहे थे जो दिन-रात मेरा पीछा कर रहे थे। प्रैक्टिस के समय, किसी टूर पर भी ये विचार मुझे परेशान कर रहे थे। मेरे लिए क्रिकेट को अलविदा कहना आसान नहीं था लेकिन भारी मन के साथ सोच-विचार कर लिया फैसला। बता दें कि गंभीर सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखते हैं। कठुआ रेप कांड हो, कश्‍मीर में सेना पर पथराव या फिर ट्रांसजेंडर्स का समर्थन गौतम ने खुलकर इन मामलों में अपनी बात रखी है।

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