नई दिल्ली 
राफेल मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में न सिर्फ सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया, बल्कि उस पर कई तीखे हमले भी किए। उन्होंने कहा कि राफेल में कोई घोटाला नहीं हुआ। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि बोफोर्स की वजह से आपकी सरकार गई थी, राफेल की वजह से मोदी फिर सत्ता में आएंगे। रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब सत्ता में थी तो डील को लटकाए रखी क्योंकि उसे इसमें 'पैसे नहीं मिले' और राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज की। लोकसभा में राफेल पर अपने करीब ढाई घंटे के जवाब में सीतारमण ने कांग्रेस पर लगातार झूठ बोलने और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने लड़ाकू विमान की कीमत और HAL को ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिलने समेत विपक्ष के सभी आरोपों पर बिंदुवार जवाब दिए। 

सीतारमण ने कहा, 'मोदी के 5 सालों के दौरान रक्षा मंत्रालय बिना दलालों के काम कर रहा है। राफेल राष्ट्रीय हितों से जुड़ा फैसला है। मैं बोफोर्स पर बात नहीं करना चाहती क्योंकि वह एक घोटाला था, राफेल घोटाला नहीं है। बोफोर्स ने आपको सत्ता से बाहर किया, राफेल मोदी को फिर सत्ता में लाएगा, यह नरेंद्र मोदी को नए भारत के निर्माण के लिए, भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए वापस लाएगा।' 

'18 की जगह 36 विमान का सौदा, कीमत भी 9% कम' 
राफेल मामले में कांग्रेस एवं राहुल गांधी के आरोपों को 'असत्य एवं गुमराह' करने वाला बताते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस की मंशा 10 वर्षों में राफेल विमान खरीदने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नहीं थी जबकि वर्तमान सरकार ने बेहतर शर्तों के आधार पर यूपीए के समय के उड़ान भरने की स्थिति वाले 18 विमानों की तुलना में 36 विमान खरीदने का सौदा 9 प्रतिशत कम कीमत पर किया। 

कांग्रेस पर वार- पैसा नहीं मिला तो सौदा रोक दिया 
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार के समय 10 वर्षों में एक भी राफेल विमान नहीं आया जबकि वर्तमान सरकार के तहत सरकारों के बीच समझौते पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया गया और पहला विमान इस तिथि से तीन साल के भीतर यानी 2019 में आ जाएगा और शेष विमान 2022 तक आ जाएंगे। राफेल विमान सौदे के मुद्दे पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने सदन में कहा, 'आपने (कांग्रेस) सौदे को रोक दिया। यह भूल गए कि वायुसेना को इसकी जरूरत है। क्योंकि यह सौदा आपको रास नहीं आया। दरअसल इससे आपको पैसा नहीं मिला।' 

Source : Agency