बीजिंग

चीन अपनी सेना की युद्धक क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। इस कवायद में उसने भारत से लगी तिब्बत की सीमा पर अपनी सेना को मोबाइल हॉवित्जर तोपों से लैस कर एक बार फिर भारत की टैंशन को बढ़ा दिया है। तिब्बत जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती के लिए हाल में सेना में नए हल्के युद्धक टैंक भी शामिल किए गए थे। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में मंगलवार को प्रकाशित एक खबर में बताया गया है कि स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में तैनात चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को मोबाइल हॉवित्जर से लैस किया गया है।
 इसका मकसद सीमा सुरक्षा को बेहतर करने के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाना है। चीन के सैन्य विश्लेषकों के हवाले से इसमें बताया गया है कि नया हथियार पीएलसी-181 व्हीकल माउंटेड हॉवित्जर है। एक तोपखाना ब्रिगेड ने 2017 में उस दौरान इस हथियार का इस्तेमाल किया था जब भारत और चीन की सेना डोकलाम में 73 दिनों तक आमने-सामने थी।
 
 हॉवित्जर तोपों  में 52-कैलिबर की तोप लगी है, जिसकी रेंज 50 किमी से ज्यादा है। यह लेजर गाइडेड और सेटेलाइट गाइडेड मिसाइल भी दागने में सक्षम है। इनसे तिब्बत जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पीएलए की मारक क्षमता बढ़ेगी।   पीएलए को तैनाती के लिए हाल में नई पीढ़ी के टाइप-15 नाम के हल्के युद्धक टैंक भी मिले हैं। इनकी तैनाती भी तिब्बत में किए जाने की संभावना है। इस टैंक में 105 एमएम की गन लगी है। यह गाइडेड मिसाइल दागने में सक्षम है। इसमें एक हजार हॉर्सपावर का इंजन लगा है, जो पीएलए के दूसरे प्रमुख युद्धक टैंकों से काफी हल्का है।

Source : Agency