कोरबा 
 कोरबा- कुदमुरा नेशनल हाइवे में उस समय हड़कंप मच गया, जब छातापाठ जंगल में राहगिरों की नजर भारी भरकम हाथी पर पड़ी। वन अफसरों के निरीक्षण करने पर दंतैल एक पैर से घायल मिला। वन विभाग की टीम उसकी निगरानी करते हुए सुरक्षित स्थान की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है।

कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत डंगनिया छातापाठ जंगल स्थित है, यहां देवी मंदिर होने के कारण अक्सर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, वहीं नेशनल हाइवे में 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही होती है। सुबह भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे हुए थे, इसी दौरान उनकी नजर छातापाठ जंगल में पहाड़ी के समीप विचरण कर रहे दंतैल पर पड़ी।

पहले तो वे दिन दहाड़े हाथी के मुख्य मार्ग की ओर कूच करने से घबरा गए, लेकिन हाथी की चाल से उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। मामले की सूचना मिलते ही वन अफसर अपनी टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। वन अफसरों ने जब दूर मैदान में खड़े दंतैल का निरीक्षण किया तो उसके पिछले बांए पैर से घायल होने की बात सामने आई। वह जंगल में लंगड़ाकर चारे की तलाश कर रहा था।

वन विभाग की टीम ने आसपास के लोगों को सावधानी बरतने हिदायत दे दी। इसके साथ ही दंतैल की सुरक्षा को देखते हुए टीम तैनात की गई। यह टीम दंतैल की निगरानी करते हुए उसे सुरक्षित क्षेत्र में खदेड़ने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को घायल दंतैल से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की चेतावनी दी गई है।

18 साल में पहली बार शहर के भीतर घुसे तीन हाथियों के झुंड को मशक्कत के बाद सरगुजा क्षेत्र की ओर खदेड़ा गया था।यह झुंड पुन: डोकरमना के रास्ते कोरबा वनमंडल में प्रवेश कर रहा था।इसकी सूचना डीएफओ एस वेंकटचलम को पहले ही मिल गई।उन्होंने मातहत अफसर व हुल्ला पार्टी के साथ मौके पर डेरा डाल दिया है।

Source : Agency