छत्तीसगढ़ कांग्रेस 15 सालों के लंबे संघर्ष के बाद सत्ता वापसी में कामयाब हुई है. कांग्रेस इसी जीत के सिलसिले को जारी रखने के उद्देश्य से विधानसभा चुनाव में जीत के फार्मूले को लोकसभा चुनाव में आजमाने की तैयारी में है. इसके लिए कांग्रेस खास प्लान भी तैयारी कर रही है. बता दें कि विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में लड़ेगी. छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीटें है. इसके लिए कांग्रेस हाईकमान ने भूपेश बघेल को प्रदेश चुनाव समिति और चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया है.

कांग्रेस एक बार फिर लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कमर कस रही है. विधानसभा में मिली जीत के सिलसिले को जारी रखने के उद्देश्य से कांग्रेस एक बार फिर से उसी जीत के फॉर्मूले को लोकसभा चुनाव में आजमाने की तैयारी में है. एक नजर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पर..

. विधानसभा की तर्ज पर ही बूथ मैनेजमेंट
. प्रत्याशी चयन के लिए निचले स्तर से नाम मंगाए जाएंगे
. प्रत्येक लोकसभा में संकल्प शिविर का आयोजन
. त्री-स्तरीय सर्वे रिपोर्ट के बाद नाम दिल्ली भेजा जाएगा
. स्थानीय नेताओं को प्रभारी के साथ अटैच किया जाएगा
. निचले स्तर पर कार्य विभाजन किया जाएगा
. नेताओं को अपने लोकसभा में ही कार्य करना होगा

दरअसल इन तमाम फॉर्मूलों के साथ कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल की थी. अब इन्ही फॉर्मूलों के साथ लोकसभा की रण में उतरने की तैयारी की जा रही है. कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का कहना है कि पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए तैयार है. प्लानिंग की जानकारी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भी दी जा रही है.

कांग्रेस भले ही अपने जीत के फॉर्मूलों में फेरबदल करने के मूड में नहीं हो लेकिन बीजेपी से लेकर राजनीति के जानकारों का इस पर तर्क अलग है. राजनीतिक विश्लेषक की मानें तो कांग्रेस को विधानसभा चुनाव का फॉर्मूला लोकसभा चुनाव में नहीं लाना चाहिए, ये पार्टी के लिए घातक हो सकता है. तो वहीं बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास विधानसभा और लोकसभा चुनाव में काफी फर्क होता है. इस बार फैसला बदल जाएगा.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस बीते तीन लोकसभा चुनावों में 11 में से महज 1 ही सीट जीतने में कामयाब रही है. अब ऐसे में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में जीत के फॉर्मूलों के साथ लोकसभा चुनाव में अपने मिशन 11 को कैसे पूरा करेगी यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा.

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