छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित नागरिग आपूर्ति निगम (नान) घोटाला मामले की नए सिरे से जांच के लिए कोर्ट ने अनुमति दे दी है. एंटी करप्शन ब्यूरो की स्पेशल कोर्ट में मामले की नए सिरे से जांच के लिए अर्जी लगाई गई थी. इसपर कोर्ट ने अनुमति दे दी है. मामले की जांच एसआईटी तीन माह में पूरी करेगी. मामला चूंकि कोर्ट में था, इसलिए नए सिरे से जांच के लिए अनुमति मांगी गई थी.

बता दें कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नान घोटाले में एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद बीते आठ जनवरी को नान घोटाला मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई थी. एसीबी और ईओडब्ल्यू के आईजी एसआरपी कल्लूरी को एसआईटी का प्रभारी बनाया गया है. इनके अतिरिक्त 11 और सदस्यों को एसआईटी में शामिल किया गया है.

नान घोटाला मामले में जांच के लिए 11 बिंदु भी तय कर दिए गए हैं. एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध एवं अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो छत्तीसगढ़ प्रभारी एसआरपी कल्लूरी, नारायणपुर के एसपी आईकल्याण एलेसेला, एसीबी के एएसपी मनोज कुमार खिलारी, जशपुर के एएसपी उनेजा खातून अंसारी, ईओडब्ल्यू के डीएसपी विश्वास चंद्राकर को शामिल किया गया है. इनके साथ ही ईओडब्ल्यू के डीएसपी अनिल बक्शी, सीआईडी के निरीक्षक एलएस कश्यप, एसीबी के निरीक्षक बृजेश तिवारी, रमाकांत साहू, कांकेर के निरीक्षक मोतीलाल पटेल, निरीक्षक फरहान कुरैशी को शामिल किया गया है. इन पुलिस अधिकारियों के अलावा विधि विशेषज्ञ एनएन चतुर्वेदी को भी शामिल किया गया है.

Source : Agency