छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने छापा मारने व जांच करने के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिख दिया है. राज्य सरकार द्वारा केन्द्र को पत्र लिखने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट किया है. ट्वीट के बाद से सियासी हलचल मच गई है.

सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट में लिखा है कि हम एक संघीय ढांचे में काम करते हैं और सीबीआई को जिस तरह से राज्य में आकर काम करने की छूट दी गई थी, उससे कानून व्यवस्था पर राज्य के अधिकारों का हनन हो रहा था. इस आदेश से सीबीआई का प्रदेश में आना प्रतिबंधित नहीं हुआ है, लेकिन अब किसी भी कार्रवाई से पहले एजेंसी को सरकार से अनुमति लेनी होगी.

बता दें कि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम 1946 की धारा छह के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सीएम ने यह निर्णय लिया है. आंध्र प्रदेश और प. बंगाल के बाद यह निर्णय लेने वाला छत्तीसगढ़ तीसरा राज्य बन गया है.

गौरतलब है कि यह कदम उसी दिन उठाया गया है जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले एक पैनल ने आलोक वर्मा को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाते हुए उन्हें अग्निशमन सेवा, नागरिक रक्षा और होमगार्ड्स महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया है. केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच रिपोर्ट में वर्मा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था.

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