बिलासपुर 
 हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी पुजारी द्वारा मंदिर में भगवान की पूजा करने मात्र से चढ़ावे की सामग्री पर स्वतः ही पुजारी की संपत्ति नहीं होगी। इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है। मुंगेली जिले के ग्राम टिंगीपुर स्थित 68 साल पुराने मंदिर में पूजा पाठ करने को लेकर पुजारी शिवनाथ जोगी समेत अन्य ने एडीजे कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

मुंगेली के ग्राम टिंगीपुर में तकरीबन 68 साल पुराना मंदिर है। जोगी परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस मंदिर के पुजारी के रूप में पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। तत्कालीन एसडीएम द्वारा मंदिर को ट्रस्ट के हवाले करने के खिलाफ जोगी परिवार के तीन सदस्यों शिवनाथ जोगी, रामनाथ जोगी व भरतनाथ जोगी ने प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर के कोर्ट में मामला दायर किया था।

प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने एसडीएम के फैसले को उचित ठहराते हुए ट्रस्ट बनाने और ट्रस्ट को नियमानुसार संचालित करने के संबंध में जरूरी गाइड लाइन भी जारी की थी। जोगी परिवार के सदस्यों ने प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में मामला दायर किया था। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि जोगीपुर में प्राचीन मंदिर है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूजा पाठ करते आ रहे हैं।

साथ ही मंदिर की देखरेख भी कर रहे हैं। मुंगेली बड़ा बाजार निवासी गणेश वाजपेयी ने मंदिर के नाम पर 10 एकड़ से अधिक जमीन को वर्ष 1952 के करीब दान कर दिया था। उससे पहले से जोगी परिवार मंदिर की पूजा पाठ करते आ रहे हैं। याचिका के अनुसार हाल ही में प्रशासन द्वारा मंदिर को ट्रस्ट बनाने का निर्णय लिया गया है।

Source : Agency