इस्लामाबाद 
आतंकियों के हमदर्द बन चुके पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने अब भारत के खिलाफ एक नई चाल चली है। अपने मददगार चीन को भारत के खिलाफ भड़काने के लिए पाकिस्तान ने नया शिगूफा छोड़ा है। पाक ने दावा किया है कि कराची स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास पर हाल में हुए हमले के पीछे भारत का हाथ था। दरअसल, इस तरह की घिनौनी चाल से पाकिस्तान की कोशिश चीन को भारत के खिलाफ भड़काने की है। आपको बता दें कि आतंकवाद पर दोहरे रवैये के कारण अमेरिका के नाराज होने के बाद पाकिस्तान अब चीन से नजदीकी बढ़ा रहा है। उधर, सीमा विवाद और डोकलाम जैसे प्रकरण के सामने आने के बावजूद चीन के भारत के साथ अच्छे रिश्ते हैं।  


पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को नया आयाम देने की कोशिशें की हैं। शायद पाकिस्तान को रिश्तों की यही गर्मजोशी चुभ रही है और उसने दोस्ती में दरार डालने के लिए यह चाल चली है। पाक मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार को कराची पुलिस चीफ डॉ. अमीर अहमद शेख ने दावा किया कि कराची स्थित चीनी मिशन पर हुए हमले की साजिश अफगानिस्तान में रची गई थी और इसमें भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च ऐंड अनैलेसिस विंग (RAW) ने मदद की थी। 

आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर में आधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने चीन के कांसुलेट में घुसने की कोशिश की थी। चीन का यह मिशन बेहद सुरक्षा वाले इलाके में आता है फिर भी आतंकी यहां तक कैसे पहुंचे, पाकिस्तान ने इस सवाल का जवाब आज तक नहीं दिया। पाक सुरक्षाबलों के साथ हुए एनकाउंटर में तीनों आतंकी ढेर हो गए। हालांकि इस दौरान दो पुलिस अधिकारियों, दो वीजा आवेदकों की भी जान चली गई थी। विदेशी मिशन में तैनात एक प्राइवेट गार्ड हमले में घायल हो गया था। प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। 

अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक ने बताया है कि कम से कम 5 लोगों को हमले में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस जांच में पता चला है कि हमले का मकसद चीन पाक आर्थिक गलियारे (CPEC) को नुकसान पहुंचाना था। पाक ने यह भी कहा है कि हमले का एक उद्देश्य पाकिस्तान और चीन के बीच कड़वाहट पैदा करना था। पुलिस ने कहा, 'हमले के जरिए वे (साजिशकर्ता) चाहते थे कि चीन यह मान ले कि कराची एक सुरक्षित शहर नहीं है।' 

हमले से पहले की यह बताई कहानी 
पुलिस ने बताया कि प्रशिक्षित आतंकी करीब चार महीने से कांसुलेट और खासतौर से वीजा सेक्शन पर नजर रखे हुए थे। वे यहां वीजा सेक्शन में अक्सर बैठते थे जिससे पता कर सकें कि गेट कब खुलता है। पुलिस चीफ ने बताया, 'आतंकी क्वेटा से कराची ट्रेन के जरिए हथियार ले आए। यहां बाल्दिया टाउन में एक घर में उन्होंने हथियार छिपाए। आतंकियों ने फर्जी आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया।' कराची पुलिस ने कहा है कि उन्होंने संघीय जांच एजेंसी और पाक रेलवे को अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए लिखने वाले हैं। 

Source : Agency