नई दिल्ली 

डी-कंपनी चलाने वाला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम एक बार फिर से भारत में दहशत फैलाना चाहता है। स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ में ये जानकारी सामने आई है। उन्हें केरल और कर्नाटक में आरएसएस के दो नेताओं की हत्या करने का जिम्मा सौंपा गया था। हत्या की सुपारी 2 करोड़ रुपये में दी गई थी। सुपारी देने वाले ने गिरफ्तार मुलजिमों में से एक अफगानी वली मोहम्मद सैफी से दुबई से बात की थी। 
 
93 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद डी-कंपनी के देश में सक्रिय होने के संकेत मिलने से खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है कि अभी पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि इसमें दाऊद का भी हाथ है। मगर, गिरफ्तार तीनों मुलजिमों में से जो जानकारी मिल रही है उससे दाऊद के इसमें शामिल होने का शक है। 

आरएसएस नेताओं की हत्या की साजिश रचने में पाकिस्तानी गुलाम रसूल पट्टी और आईएसआई के लिए काम करने वाले अब्दुल लतीफ के नाम आ रहे हैं। दोनों का लिंक दाऊद से है। अब्दुल लतीफ, दाऊद इब्राहिम के लिए काम करता है। ऐसे में स्पेशल सेल को शक है कि कहीं देश में फिर से डी कंपनी सक्रिय तो नहीं हो रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ये पांव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। 

हालांकि, खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का यह भी कहना है कि वर्तमान में दाऊद के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता कि वह कहां रह रहा है और न ही किसी के पास उसकी हाल के दिनों की तस्वीर ही है। फोन इंटरसेप्ट करने पर कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे इस मामले में दाऊद की भूमिका हो सकती है। इसमें यह भी जांच की जा रही है कि दिल्ली को उनसे कितना बड़ा खतरा है। 

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरफ्तार तीनों मुलजिमों वली मोहम्मद सैफी, शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा और तस्लीम में से राजा एक मामले में गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल जा चुका है। वह अफगानिस्तान के रहने वाले अब्दुल्ला नाम के एक विदेशी कैदी के संपर्क में आया था। अब्दुल्ला के जरिए वह वली मोहम्मद से मिला था। 

तिमारपुर इलाके से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल एक और शख्स को पकड़ा गया है। मगर, स्पेशल सेल ने फिलहाल इस तरह की किसी गिरफ्तारी से इनकार किया है। 
 

Source : Agency