भोपाल
पार्टी तवज्जो दे या ना दे, लेकिन बीजेपी के वेटरन लीडर बाबूलाल गौर की सक्रियता में कोई कमी नहीं है. पहले विधान सभा का टिकट पाने के लिए जी तोड़ मेहनत और जुगाड़ की. और अब लोकसभा चुनाव के लिए दावा ठोक रहे हैं. लेकिन चार दिन पहले बग़ावत का संकेत देने वाले गौर साहब के सुर आज बदल गए.

लोकसभा चुनाव से पहले बगावती सुर दिखा रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के सुर फिर बदल गए हैं. उन्होंने बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से मुलाकात की. मुलाक़ात के दौरान हुई बात का ही असर है कि वहां से निकलने के बाद बाबूलाल गौर ने बयान दिया कि मैं बीजेपी में हूं और बीजेपी के सिवाय कहीं नहीं जाऊंगा. मेरी पार्टी में किसी से कोई नाराज़गी नहीं है.

दरअसल बाबूलाल गौर लोकसभा चुनाव के सिलसिले में पार्टी की बैठक से ठीक पहले रामलाल से मुलाकात करने पहुंचे थे. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बात हुई. बस उसके बाद गौर साहब के सुर बदल गए. बाहर निकले तो मीडिया को देख कर बोले मैं मेरी किसी से कोई नाराज़गी वाली बात नहीं है.

बाबूलाल गौर कुछ महीने से लगातार सुर्ख़ियों में हैं. पहले विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट ना मिलने के कारण चर्चा में रहे. फिर कांग्रेस नेता आरिफ अकील और चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे. पिछले हफ़्ते गौर ने ये शिगूफा छोड़कर सुर्ख़ियां बटोरीं कि दिग्विजय सिंह ने उन्हें भोपाल से लोकसभा टिकट का ऑफऱ दिया है. पिछले हफ़्ते कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री जीतू पटवारी, बीजेपी के बाग़ी नेता रामकृष्ण कुसमरिया की उनसे घर जाकर मिले. बस तब से लगातार गौर के कांग्रेस में जाने की अटकलें चल रही थीं.

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