भोपाल
किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने, बिजली बिल हाफ करने और उन्हें घरेलु बिजली सौ रुपए में सौ यूनिट बिजली देने के बाद अब सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रदेश में सिचाई की दरों को पांच साल तक नहीं बढ़ाने का फैसला लेने जा रही है।

कांग्रेस के वचन पत्र पर अमल करते हुए राज्य सरकार अब प्रदेश में सिचाई क्षमता पांच सालों में दुगनी करते हुए बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर करने जा रही है।  सबसे खास बात यह है कि किसानों की खेती की लागत नहीं बढ़े इसलिए राज्य सरकार सिचाई की दरों को अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में स्थित रखेगी। सिचाई जल देयकों की दरों को और युक्तियुक्त बनाया जाएगा। सिचाई प्रबंध में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा सिचाई समितियों को सक्षम बनाया जाएगा।

प्रदेश में सिचाई की क्षमता में विस्तार के लिए नहरों का विस्तार किया जाएगा। लाइनिंग कर हर खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी और पानी का अधिक से अधिक उपयोग हो सके इसके लिए नहरों के टूटने और लीकेज के चलते होने वाली पानी की क्षति को रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

सालों से अधूरी पढ़ी सिचाई योजनाओं को पूरा कराया जाएगा और सिचाई के लिए बांधे के पानी का उपयोग करने अतिरिक्त पानी से तालाबों को भरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में सिचाई के लिए उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित कराने के लिए माइक्रो माइनर सिचाई परियोजना को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में योजना बनाकर मंजूर कराएंगे।

तालाबों के गहरीकरण पर भी जोर- प्रदेश के चंदेलकालीन तालाबों और अन्य प्राचीन तालाबों का गहरीकरण कर उनकी क्षमता में वृद्धि की जाएगी। साथ ही तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी अमल शुरु किया जाएगा।

Source : Agency