भोपाल
प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त केडी खान और सूचना आयुक्त आत्मदीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है। वहीं सूचना आयुक्त सुखराज सिंह का कार्यकाल भी इसी माह 28 फरवरी को समाप्त होंने जा रहा है। नियमानुसार सूचना आयोग मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों से मिलकर पूरा होता है।

राज्य सूचना आयोग के विधिमान्य बने रहने के लिए मुख्य सूचना आयुक्त के रिक्त पद पर नियुक्ति जल्दी करना आवश्यक है। इसलिए राज्य सरकार इसी माह मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बैठक कर सकती है। प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास पहुंच गया है।

राज्य सूचना आयोग में इस माह के बाद मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के दो पद रिक्त होंगे। राज्य सरकार इन्हीं पदों को भरने के लिए बैठक करेगी। सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह को समिति का सदस्य बनाया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ जैसे ही मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए बैठक का समय तय करेंगे यह बैठक करके चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और मंत्री जयवर्द्धन की समिति मिलकर तय करेगी कि किसे मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त बनाया जाए। मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 29 प्रस्ताव आए है जबकि सूचना आयुक्तों के लिए कुल 105 प्रस्ताव राज्य सरकार को निर्धारित अंतिम तिथि एक फरवरी तक मिले थे।

राज्य सूचना आयोग में इस समय नौ हजार से अधिक अपीलें लंबित चल रही है। इनकी सुनवाई के लिए जल्द से जल्द सूचना आयुक्त और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्तियां करना जरुरी है। फिलहाल सूचना आयुक्त सुरेन्द्र सिंह, अरुण पाण्डेय, राजकुमार माथुर, डीपी अहिरवार और विजय मनोहर तिवारी कार्यरत है। पिछले राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों को लेकर भी अभी विवाद की स्थिति है। हाईकोर्ट में इस मामले में एक याचिका विचाराधीन चल रही है।

लोकसभा चुनाव के लिए मार्च में आचार संहिता लग सकती है इसलिए राज्य सरकार भी चाहती है कि आचार संहिता लगने से पहले ही राज्य सूचना आयोग में रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया इससे पहले पूरी कर ली जाए ताकि किसी प्रकार का वैधानिक संकट ना खड़ा हो। इसलिए ये प्रक्रिया भी इसी माह पूरी हो जाने की संभावना है।

Source : Agency