नई दिल्ली 
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच अंदरखाने गठबंधन को लेकर पक रही सियासी खिचड़ी की अटकलों पर गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्थिति साफ कर दी। दरअसल, अधिकारों की जंग पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए दिल्ली के सीएम ने गठबंधन पर पत्रकारों को सीधा जवाब दे दिया। एक पत्रकार ने पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सहमति कितनी बनी है? इस पर केजरीवाल ने कहा कि अभी उस दिशा में कोई सहमति नहीं है। गठबंधन को लेकर एक अन्य सवाल पर उन्होंने साफ कहा, 'उन्होंने (कांग्रेस) लगभग मना कर दिया है।' 

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली में शरद पवार के घर हुई विपक्षी दलों की बैठक में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी पहुंचे थे, जिससे कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब केजरीवाल से पूछा गया कि आप गठबंधन को लेकर काफी लालायित दिख रहे हैं तो उनका जवाब था, 'हमारे मन में देश के लिए बहुत ज्यादा चिंता है। हम देश की परिस्थितियों को देख रहे हैं कि किस तरह से 5 साल में भाईचारा खराब किया गया। नोटबंदी जैसे गलत फैसले लिए गए। भीड़ हिंसा बढ़ने के साथ ही संस्थानों को बर्बाद किया जा रहा है, इसी वजह से हम लालायित हैं।' 

सुप्रीम फैसले पर सवाल उठा केजरी ने अपने लिए मांगे वोट
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश चाहता है कि मोदी और शाह की जोड़ी को हराया जाए और इसलिए जरूरी है कि बीजेपी के खिलाफ एक ही उम्मीदवार खड़ा किया जाए, जिससे वोट न बंटे। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ 2 कैंडिडेट खड़े होते हैं और इससे बीजेपी को फायदा होता है तो यह बात सभी दलों को समझनी पड़ेगी। यूपी में एसपी, बीएसपी के अलावा अगर कोई कैंडिडेट खड़ा होता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। 

शीला दीक्षित के SC के फैसले का स्वागत करने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि कई बार मुद्दे बहुत बड़े होते हैं, राजनीति के लिए इस तरह के बयान ठीक नहीं हैं। 

दरअसल, फैसले पर नाखुशी जाहिर करते हुए केजरीवाल ने कहा कि विकास के लिए अगर हमें एलजी के घर पर धरना देना पड़ेगा तो सरकार कैसे चलेगी? उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के लोगों के हाथ में चाबी है। दिल्ली के CM ने कहा, 'मेरी दिल्ली के लोगों से हाथ जोड़कर विनती है कि इस लोकसभा चुनाव में आप पीएम बनाने के लिए वोट मत करना।' उन्होंने दिल्ली की सातों सीटों के लिए लोगों से वोट भी मांगे। इससे पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दिल्ली की जनता और जनतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। 

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