श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर पुलवामा जिले में गुरुवार शाम हुए एक बड़े आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 20 जवान शहीद हो गए हैं। शहीद जवानों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसे उरी में सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों पर सबसे बड़े आतंकी हमले के रूप में देखा जा रहा है। गुरुवार को श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर स्थित अवंतिपोरा इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाया। इस हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किए गए हैं।

जैश ने ली हमले की जिम्मेदारी
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस काफिले पर हमले की साजिश रची थी। आदिल पुलवामा के काकापोरा इलाके का रहने वाला है। सीआरपीएफ की 54वीं बटैलियन के जवानों को इस हमले में आतंकियों ने निशाना बनाया। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के अनुसार, गुरुवार शाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर अवंतिपोरा के गरीपोरा के पास हमला किया गया।

सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने इस इलाके में पहले हाइवे खड़ी एक कार में प्लांट की गई आईईडी में ब्लास्ट किया और फिर सीआरपीएफ जवानों के वाहनों पर ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग की गई। इस हमले में सीआरपीएफ का वाहन भी आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आ गया। हमले के बाद जवानों को तुरंत श्रीनगर के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि काफिले की जिस बस को आतंकियों ने निशाना बनाया, उसमें 35 जवान सवार थे।

सीआरपीएफ के काफिले में 70 गाड़ियां
दर्जनों घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका इलाज किया जा रहा है। इनमें से कई जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिस काफिले पर यह हमला हुआ, वह जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था और इसमें 2 हजार से अधिक जवान शामिल थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीआरपीएफ के जिस काफिले पर हमला किया गया, उसमें 70 वाहन शामिल थे। इन्हीं में से एक गाड़ी आतंकियों के निशाने पर थी। सीआरपीएफ जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर आ रहा था। हमले के बारे में सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस जांच कर रही है। घायल जवानों को अस्पताल शिफ्ट किया गया है और विस्फोट स्थल पर छानबीन की जा रही है।

दक्षिण कश्मीर में अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी
इस हमले की जानकारी मिलने के बाद तत्काल पुलवामा में मौजूद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की अन्य कंपनियों को अवंतिपोरा भेजा गया। आतंकी वारदात के बाद सेना ने फिलहाल जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर ट्रैफिक बंद करते हुए अवंतिपोरा और आसपास के इलाकों में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इसके अलावा पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। हमले में घायल जवानों का इलाज लगातार जारी है और एजेंसियों के अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

पहले भी आतंकी निशाने पर आए थे जवान
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर गुरुवार को हुआ यह हमला आतंकी हमले की पहली वारदात नहीं है। एक साल पहले 15 फरवरी 2019 को भी आतंकियों ने पुलवामा के पंजगाम स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक कैंप पर हमला किया था। इस वारदात के दौरान आतंकियों ने सीआरपीएफ के शिविर पर हमला कर कैंप में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन जवानों की सतर्कता के कारण कामयाब नहीं हो सके थे।

Source : Agency