पणजी 
गोवा में कांग्रेस संगठन के बीच एक बार खुलेआम मतभेद देखने को मिल रहे हैं। गोवा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के विधायक लुइजिन्हो फलेरो ने पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह पर यह आरोप लगाया है कि दिग्विजय ने 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने की इजाजत नहीं दी थी। मंगलवार को यह आरोप लगाते हुए लुइजिन्हो फलेरो ने कहा कि दिग्विजय के ऐसा करने के बाद ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।  

लुइजिन्हो फलेरो ने जिन चुनावों को लेकर यह आरोप लगाए हैं उनमें कांग्रेस पार्टी को गोवा में 17 सीटों पर जीत मिली थी। इस तरह गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी भी बनी थी, लेकिन तत्कालीन वक्त में बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लुइजिन्हो फलेरो ने कहा कि उस चुनाव के वक्त वह गवर्नर को सरकार बनाने के दावे की चिट्ठी सौंपना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। 

'नेता प्रतिपक्ष के पद को भी ठुकराया' 
लुइजिन्हो फलेरो ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के इस तरह के व्यवहार से नाराज होकर ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और नेता प्रतिपक्ष के पद को भी ठुकरा दिया। गौरतलब है कि साल 2017 में गोवा में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार बनाई थी। इस चुनावों के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को एक बार फिर गोवा में बीजेपी सरकार का मुख्यमंत्री बनाया गया था। 

Source : Agency