भोपाल 
केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है, वहीं सरकारी कर्मचरीयों की लाइफ स्टाइल भी बेहत्तर होने जा रही है. मध्यप्रदेश के भोपाल के नॉर्थ टीटीनगर में कर्मचारियों को सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है. सरकार करीब 3000 कर्मचारियों को सभी सुविधाओं से युक्त फ्लैट मुहैया करवा रही है. मध्यप्रदेश में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत फोर्थ क्लास कर्मचारियों के लिए हाई सिक्योरिटी जोन और प्राइम लोकेशन पर लग्जरी फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बन रहे इन लग्जरी घरों में बड़े-बड़े स्वीमिंग पूल, जिम, पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग के साथ ही सीसीटीवी से निगरानी की सुविधाएं भी दी जाएगी. ये सुविधाएं उन लोगों को दी जाएगी, जो कभी मूलभूत सुविधाओं के लिए घंटों कतार में खड़े रहते थे. जिन लोगों के घरों की छतें टपकती थी और छोटे से कमरे में पूरे परिवार को गुजर-बसर करना होता था, लेकिन अब ये सुविधाएं सरकार के निचले क्रम के नुमाइंदों को नसीब होने जा रही है. स्मार्ट सिटी 333 एकड़ जमीन पर विकसित होगी, जिसके लिए 3 हजार 440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

दूसरी व्यवस्था पेन सिटी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की है. इसके तहत साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी. कचरा कंटेनरों में सेंसर लगेंगे, जिन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, ताकि कंटेनर भरने पर इन्हें खाली किया जा सके. इस कचरे से बिजली भी बनाई जाएगी.

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट अधिकारी टी सिन्हों और सीईओ संजय कुमार के अनुसार 333 एकड़ में बनने वाली स्मार्ट सिटी के पहले चरण पर 3437 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके लिए 5 साल में केंद्र व राज्य सरकार 1000 करोड़ रुपये का अनुदान देगी. अमृत व अन्य योजनाओं से 460 करोड़ रुपये की राशि जुटाई जाएगी. इसके अलावा 1977 करोड़ रुपये लोन व संपत्ति बेचकर जुटाई जाएगी. उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पूरा होने तक इसकी प्रस्तावित आय 6755 करोड़ रुपये होने की संभावना है.

Source : Agency