कहते हैं कि अगर वास्तु शास्त्र में बताए गए कुछ उपायों को अपना लिया जाए तो घर का हर कोना वास्तु दोष से मुक्त हो जाता है और इसके साथ ही घर में रहने वाले लोगों की लाइफ में चल रही हर तरह की पर्शानी का अंत होता है। वास्तु शास्त्र में सबसे अहम भूमिका दिशाओं की होती है। दिशा को ध्यान में रखकर ही घर का हर कोना सजाना चाहिए। कहते हैं कि अगर तरक्की में भी बाधा आ रही हो तो वास्तु में बताए गए नियमों को अपनाकर इस समस्या को दूर किया जा सकता है।

आज के समय में वास्तु शास्त्र का बड़ा ही महत्व है, वास्तु शास्त्र के जानकार मानते हैं कि अगर घर के बीच वाले भाग में वास्तु दोष हो तो वहां रहने वाले लोग कभी तरक्की नहीं कर पाते हैं। लेकिन आज हम आपको घर से वास्तु दोष दूर करने के लिए कुछ उपायों के बारे में बताएंगे।

कहा जाता है कि वास्तु के हिसाब से अगर किचन, बाथरूम या कमरे को बनाने की दिशा गलत चुन ली जाए तो वहां नकरात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है और इसके परिणाम स्वरूप परिवार में कई तरह की परेशानियां आनी शुरु हो जाती हैं, जोकि उन्नति में बाधा बनती हैं। वास्तु के मुताबिक घर की दिशा पूरब, अग्नि और दक्षिण कोण में नहीं होनी चाहिए। ऐसा बोने पर घर के सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को अग्नि की दिशा मानी गई हैं। इसलिए वास्तु के जानकार यह सलाह देते हैं कि अग्नि की दिशा में घर का किचन होना चाहिए। लेकिन इस दिशा में घर का मेन गेट नहीं होना चाहिए।

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