भोपाल 
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय के तत्कालीन कुलपति बृज किशोर कुठियाला सहित विवि और नोएडा में पदस्थ 19 प्रोफेसर और लाइब्रेरियन पर राज्य आर्थिक अपराध अंवेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एफआईआर दर्ज की है। कुलसचिव दीपेंद्र बघेल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा गई जांच रिपोर्ट का आधार बनाकर शिकायत की थी। उनकी स्वीकृति के बाद बीस लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है। एमसीयू में घोटाला 2003 से 2018 में किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद प्रोफेसरों की परेशानी बढ़ गई हैं। वे एफआईआर से मुक्त होने के लिए रास्ते खोजने लगे हैं। 

अपर मुख्य सचिव एम गोपाल रेड्डी, सीएम ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता और संदीप दीक्षित की रिपोर्ट पर कुलसचिव बघेल ने ईओडब्ल्यू एफआईआर दर्ज करने की स्वीकृति दी है। प्रारंभिक जांच में ईओडब्ल्यू ने गड़बडियों को सही पाया और रविवार को एफआईआर दर्ज कर प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारों को प्रकरण के संबंध में जानकार दी। 

ईओडब्ल्यू के मुताबिक पिछले 15 सालें में विश्वविद्यालय में कई नियुक्तियां नियमों को ताक पर रख कर नियम विरूद्ध की गईं। इसमें वर्ष 2010 से 2018 तक बृजकिशोर कुठियाला कुलपति थे। उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में दो कार्यकाल पूर्ण किए हैं। जांच में कुठियाला ने अपने विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की नियत से जरूरत के बना शैक्षणिक केंद्र खोले। उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग कर असंवैधानिक तरीके से विवि की राशि से स्वयं और पारिवार पर खर्च किए। कुठियाला ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को 8 लाख रुपए, ज्ञान संगम के लिए  साढ़े नौ लाख रुपए, जम्मू एंड कश्मीर में अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में तीन लाख रुपए खर्च कर विवि का आर्थिक नुकसान किया है। 

ये बने प्रकरण में बीस आरोपी 
बृज किशोर कुठियाला, पूर्व कुलपति के साथ डॉ. अनुराग  सीठा, प्रोफेसर, कम्प्यूटर साइंस विभाग, डॉ. पी. शशिकला, प्रोफेसर, न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी, डॉ. पवित्र श्रीवास्तव, एचओडी, एमबीए एवं जनसंपर्क, डॉ. अरुण कुमार भगत, प्रोफेसर, पत्रकारिता (लीयन-दिल्ली) डॉ. रजनी नागपाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, नोयडा (क्षेत्रीय कार्यालय),प्रो. संजय द्विवेदी, प्रोफेसर जनसंपर्क, (पूर्व रजिस्ट्रार), डॉ. अविनाश बाजपेयी, पूर्व एचओडी एमबीए, डॉ. कंचन भाटिया, प्रोफेसर, मैनेजमेंट, डॉ. मनोज कछारिया, एसोसिएट प्रोफेसर, कम्प्यूटर साइंस, डॉ. आरती सारंग, लाइब्रेरियन, डॉ. रंजन सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, पत्रकारिता, डॉ. सुरेन्द्र पोल, असिस्टेंट प्रोफेसर, नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय, डॉ. सौरभ मालवीय, असिस्टेंट प्रोफेसर, पत्रकारिता, डॉ. सूर्य प्रकाश, असिस्टेंट प्रोफेसर, नोएडा (क्षेत्रीय कार्यालय), डॉ. प्रदीप डेहरिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, जनसंचार, डॉ. सतेंद्र डेहरिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, पत्रकारिता, डॉ. गजेंद्र सिंह अवश्या, असिस्टेंट प्रोफेसर, जनसंपर्क, डॉ. कपिल राज चंदोरिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, मैनेजमेंट और डॉ. मोनिका वर्मा, प्रोफेसर, नोयडा (क्षेत्रीय कार्यालय) को आरोपी बनाया गया है। 
 

Source : Agency