रायपुर 
छत्तीसगढ़ में तीसरे मोर्चे की सियासत बदली-बदली लग रही है. अजीत जोगी का कुनबा धीरे-धीरे खिसकता जा रहा है. ऐसे में ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में कहीं अजीत जोगी कांग्रेस का विलय कांग्रेस पार्टी में न हो जाए.

दरअसल, जोगी कांग्रेस से जो संकेत मिल रहे हैं, उससे यही लग रहा है कि आने वाले समय में जोगी की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी का विलय कांग्रेस पार्टी में हो सकता है. इस बात का संकेत जोगी कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता इकबाल रिजवी ने खुद दिया है. रिजवी ने कहा कि अजीत जोगी और कांग्रेस पार्टी की विचार धारा एक ही है. उन्होंने कहा कि घर वापसी कभी भी किसी भी समय की जा सकती है. वहीं कांग्रेस पार्टी भी ये मान रही है कि अजीत जोगी जिस भावना के साथ पार्टी को छोड़कर गए थे, वह भावना उनकी पूरी नहीं हुई है.

पीसीसी प्रवक्ता राजेश बिस्सा का कहना है कि जोगी जी जिस भावना से कांग्रेस छोड़कर गए थे, पब्लिक ने उसे नकार दिया. अब उनकी और उनके लोगों की मजबूरी है कि वापस मुख्यधारा में जुड़ जाए. इसीलिए जोगी कांग्रेस के नेता कांग्रेस में शामिल होने के लिए छटपटा रहे हैं. वहीं कांग्रेस उन लोगों को स्वीकार भी कर रही है जो सच में अच्छी भावना रखते थे.

इधर, बीजेपी भी मान रही है कि जोगी कांग्रेस अंत में कांग्रेस पार्टी में विलय हो जाएगी. यही वजह है कि जोगी कांग्रेस से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता छोड़कर जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ बीएसपी यह मानने को तैयार नहीं हो है कि अजीत जोगी की पार्टी ऐसा कुछ कर सकती है. अजीत जोगी तो बीएसपी को जिताने के लिए और कांग्रेस पार्टी को हराने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़े हुए हैं.

बीएसपी प्रदेश प्रभारी एमएल भारती का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है. जोगी जी ने बीएसपी को लोकसभा की सभी 11 सीटों पर अपना समर्थन दिया है.

बहरहाल, अजीत जोगी की पार्टी में जिस तरह से लोगों का मोहभंग होता जा रहा है और बड़ी संख्या में जोगी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी में जा रहे हैं. इससे यह साफ लग रहा है कि वो दिन दूर नहीं जब अजीत जोगी को कांग्रेस से हाथ मिलाना पड़े जाए.

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