ग्वालियर
विधानसभा चुनाव में एट्रोसिटी एक्ट के सोशल रिफ्लेक्शन से राजनैतिक खामियाजा भुगत चुकी भारतीय जनता पार्टी के लिए इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मोर्चा संभाल लिया है। संघ के एजेंडे के तहत शहर से लेकर गांव तक बस्तियों के स्तर पर सामाजिक समरसता अभियान छेड़ा गया है। इस काम में आरएसएस के स्वयंसेवकों सहित संघ के विभिन्न अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया है।

बता दें कि पिछले दिनों 8 से 9 मार्च तक ग्वालियर में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक  के दौरान ‘सामाजिक समरसता’ को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव की रोशनी में ही अब संघ के अधिकारियों की निगरानी में स्वयंसेवक अलग-अलग बस्तियों में जाकर लोगों के बीच राष्टÑवाद और केन्द्र सरकार की उपलब्धियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इस अभियान के तहत खासतौर से ऐसे इलाकों पर फोकस रखा जा रहा है जहां करीब साल भर पहले 2 अप्रेल 2018 को एट्रोसिटी एक्ट को लेकर हालात बिगड़े थे।

इस अभियान के तहत जाति, पंथ के भेदभाव को खत्म करने के लिए सामाजिक समरसता के एजेंडे पर काम किया जा रहा है। छोटी-छोटी बस्तियों में संघ के स्वयंसेवक साहित्य एवं पत्रक लेकर जनसंपर्क के लिए पहुंचने लगे हैं। इस मुहिम में जुटे लोगों को विभिन्न बैठकों के माध्यम से अधिकतम लोगों तक पहुंच के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही अभियान के मूल में ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने का लक्ष्य भी रखा गया है।

Source : Agency