मंत्री राजवाड़े ने समाधान शिविर में जनता से किया सीधा संवाद, कहा-जनहित में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोड़ में समाधान शिविर में उपस्थित रहीं। छत्तीसगढ़ सरकार की “संवाद से समाधान” पहल के तहत आयोजित इस शिविर में खोड़ क्लस्टर के आठ ग्राम पंचायतों-बेदमी, छतोली बीजो, इंजानी, करवा, केसर, खोंड़, मसंकी और टमकी के नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन के समक्ष रखीं।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट और सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर मंत्री राजवाड़े ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और क्रेडा के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस दौरान मंत्री राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की “संवाद से समाधान” पहल की सराहना की और कहा कि इस अभियान के माध्यम से शासन सीधे जनता से जुड़ रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है। शिविर के दौरान ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण के साथ ही कई नए आवेदन भी प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने का सशक्त मंच मिला है। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में समाज सेवा में योगदान देने वाली पाँच महिलाओं को साड़ी और नारियल भेंट कर सम्मानित किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति
