अबूझमाड़ के कुमनार में सुरक्षा कैंप स्थापित, नक्सल गढ़ में लोकतंत्र की जीत
भैरमगढ़|नारायणपुर पुलिस ने दशकों से नक्सलियों का अभेद्य किला माने जाने वाले अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्र कुमनार में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. यह कैंप इस क्षेत्र में नक्सलवाद के वर्चस्व को समाप्त करने की दिशा में अंतिम और निर्णायक प्रहार माना जा रहा है|
नक्सलियों का सेफ जोन रहा कुमनार
कुमनार वही क्षेत्र है जिसे नक्सली अपनी सेंट्रल कमेटी के शीर्ष नेताओं के लिए ‘सेफ जोन’ मानते थे. इसी दुर्गम पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली बसवा राजू सहित कई बड़े नक्सलियों को ढेर किया था. 2025 तक ओरछा के आगे नक्सलियों का अघोषित साम्राज्य चलता था, जिसे अब सुरक्षा बलों ने पूरी तरह भेद दिया है|
सड़क कनेक्टिविटी से मुख्यधारा से जुड़ा इलाका
इस कैंप की स्थापना के साथ ही ओरछा के रास्ते कुमनार से होते हुए भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी तैयार हो गई है. यह अबूझमाड़ के इतिहास में पहली बार है जब यह क्षेत्र मुख्यधारा से सीधे तौर पर जुड़ रहा है|
आठवां और अंतिम सुरक्षा कैंप स्थापित
पुलिस ने वर्ष 2026 का यह आठवां और अंतिम कैंप स्थापित किया है. कैंप खुलने से आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों (लेकवाडा, नेडअट्टे, डोडूम, ईदवाडा, आंगमेटा और कुमनार) में अब बुनियादी सुविधाएं पहुंच सकेंगी|
महिलाओं के लिए कौन सा रुद्राक्ष है सबसे शुभ? जानें धारण करने के सही नियम और फायदे
क्यों Kal Bhairav ने काटा Brahma का सिर? जानें ‘काशी के कोतवाल’ बनने की रहस्यमयी कथा
यूपी की सियासत में नई हलचल: Chirag Paswan ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब
