प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी है कि आगामी कुछ दिनों में विश्व के कई प्रमुख राष्ट्रों के शीर्ष नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने आशा जताई कि इस उच्चस्तरीय सम्मेलन के दौरान दुनिया के व्यापक कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वैश्विक चुनौतियों और प्राथमिकताओं पर दूरगामी व सकारात्मक संवाद होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से यह बात साझा की और अपने संदेश के साथ एक विचारणीय संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया।

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत का यह श्लोक

"सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥"

इस श्लोक का भावार्थ यह है कि मनुष्य को सदैव श्रेष्ठ और गुणी व्यक्तियों के सानिध्य में रहना चाहिए तथा उन्हीं की संगति स्वीकार करनी चाहिए। विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण संबंध भी समझदार लोगों के साथ ही स्थापित करने चाहिए, क्योंकि परस्पर संवाद और सद्भावना से ही शांति व वैश्विक सहयोग को मजबूती मिलती है।

12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में जुटेगा वैश्विक नेतृत्व

भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाल रहा है, और इसी कड़ी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन में ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के साथ-साथ सहयोगी राष्ट्रों के शीर्ष नेता भी शिरकत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन के दौरान वैश्विक नेता आपस में सहयोग को और प्रगाढ़ करने के साथ-साथ साझा हित के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।

भारत मंडपम में तैयारियां अंतिम दौर में, इन प्रमुख विषयों पर रहेगा केंद्रित ध्यान

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, इस सम्मेलन में ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच साझा प्राथमिकताओं पर तालमेल बढ़ाने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक विकास से जुड़े मामलों पर सहमति बनाने पर जोर रहेगा। आयोजन के लिए नई दिल्ली स्थित अत्याधुनिक 'भारत मंडपम' को भव्य रूप से सजाया गया है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने भी पुष्टि की है कि देश की राजधानी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।