IAS बनकर दिखाती थी रौब, कोचिंग में देती थी सिविल सर्विस के टिप्स; तृप्ति सिंह की खुली पोल
भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी के मानव संग्रहालय में वीडियो बनाकर चर्चित हुई फर्जी आईएएस अधिकारी तृप्ति सिंह के काले कारनामों की नई परत उधड़ी है। पुलिस जांच में उसके पास से गोविंदपुरा क्षेत्र की प्रशासनिक अधिकारी बनने से जुड़ा एक कूटरचित दस्तावेज बरामद हुआ है। जांच में ज्ञात हुआ कि उसने वर्ष 2025 की प्रशासनिक सेवा की अंतिम चयन सूची में किसी अन्य अभ्यर्थी के नाम के स्थान पर अपना नाम जोड़कर दस्तावेज में हेरफेर किया था।
प्रशासनिक पद का रौब दिखाकर कोचिंग संस्थानों से ऐंठी रकम
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी महिला फर्जी दस्तावेजों के बल पर कोचिंग संस्थानों में स्वयं को वरिष्ठ अधिकारी बताकर पहुंचती थी। वहां वह सिविल सेवा अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के मार्गदर्शन एवं सुझाव दिया करती थी। पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में कोचिंग संचालकों से इस फर्जीवाड़े के एवज में मोटी धनराशि ऐंठने की बात उजागर हुई है।
वीडियो प्रसारित होने के उपरांत पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
समस्त प्रकरण तब उजागर हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें तृप्ति के साथ दो अन्य युवतियां स्वयं को प्रशासनिक अधिकारी बता रही थीं। वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच तेज की तो पता चला कि तृप्ति झूठी प्रतिष्ठा भुनाती थी, जबकि साथ दिख रही युवतियां स्वयं उसकी जालसाजी की शिकार थीं।
पीड़ित युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक लिखी हुई पटकथा के अनुसार बोलने को कहा गया था और अधिकारी जैसा आचरण करने का निर्देश दिया गया था। आरोपी महिला उन्हें विभिन्न आयोजनों में ले जाकर वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा करती थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला और उसके भाई सुधांशु को हिरासत में ले लिया है।
चंदेरी से लेकर प्रदेश की राजधानी तक लाखों की जालसाजी
आरोपी महिला ने जालसाजी की शुरुआत अशोकनगर के चंदेरी से की थी। वहां एक पर्यटन स्थल पर स्वयं को राज्य पर्यटन विकास निगम की अपर निदेशक बताकर उसने कई युवाओं को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिलाने का झांसा दिया और लाखों रुपये ऐंठ लिए।
इसके उपरांत उसने राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में एक होटल को पट्टे पर दिलाने का झूठा आश्वासन देकर 50 लाख रुपये की ठगी की। पूर्व में भी भाई-बहन के विरुद्ध बागसेवनिया थाने में धोखाधड़ी का मामला पंजीकृत है, जहां एक अन्य पीड़ित से होटल-रिसॉर्ट के पट्टे और नौकरी दिलाने के एवज में करीब 35.50 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
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