लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ के नाम दर्ज है क्रिकेट का अनोखा पिता-पुत्र रिकॉर्ड
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ और उनके बड़े बेटे सुरिंदर अमरनाथ के नाम टेस्ट क्रिकेट का एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसकी बराबरी अब तक कोई अन्य पिता-पुत्र नहीं कर सके हैं। साल 1933 में लाला अमरनाथ ने इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई के जिमखाना मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने पहले ही टेस्ट मैच में उन्होंने 118 रन की शानदार पारी खेली और इतिहास रच दिया। यह टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज का पहला शतक था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उस दौर में भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी। इसके करीब 43 साल बाद जनवरी 1976 में उनके बड़े बेटे सुरिंदर अमरनाथ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में टेस्ट पदार्पण किया। उन्होंने भी अपने पहले ही टेस्ट में शानदार शतक जड़ते हुए 124 रन की पारी खेली। इस तरह लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ ऐसे पिता-पुत्र बने, जिन्होंने अपने-अपने टेस्ट पदार्पण में शतक लगाया।
यह क्रिकेट इतिहास के सबसे दुर्लभ संयोगों में से एक है। लाला अमरनाथ अपने दौर के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शामिल थे। 1936 के इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्होंने टीम प्रबंधन से जुड़े मतभेदों के कारण दौरे के बीच भारत लौटने की स्थिति का सामना किया, लेकिन उनके तेवर और आत्मसम्मान में कोई कमी नहीं आई। आजादी के बाद उन्होंने स्वतंत्र भारत की कप्तानी संभाली और 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को टेस्ट सीरीज जीत दिलाने वाली टीम का नेतृत्व किया। सुरिंदर अमरनाथ ने भी अपने पिता की तरह आक्रामक और आकर्षक बल्लेबाजी से पहचान बनाई। उन्होंने महज 15 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले और वह भारत के लिए 10 टेस्ट तथा 3 वनडे मैच ही खेल सके। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
अमरनाथ परिवार की क्रिकेट विरासत का एक दिलचस्प अध्याय 1964 में भी देखने को मिला, जब 53 वर्षीय लाला अमरनाथ और 15 वर्षीय सुरिंदर अमरनाथ एक चैरिटी मैच में साथ मैदान पर उतरे थे। बाद में लाला के दूसरे बेटे मोहिंदर अमरनाथ ने भी भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। इस तरह अमरनाथ परिवार ने भारतीय क्रिकेट की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। पिता-पुत्र के पदार्पण टेस्ट में शतक का रिकॉर्ड आज भी लाला और सुरिंदर अमरनाथ की जोड़ी को क्रिकेट इतिहास में खास स्थान देता है। भारतीय क्रिकेट को नई पहचान देने वाले लाला अमरनाथ ने न सिर्फ मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि अपने जुझारू और बेबाक व्यक्तित्व से भी अलग पहचान बनाई। उनके परिवार ने आगे भी भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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