चिटफंड के नाम पर 8 करोड़ की ठगी का खुलासा
गोरखपुर|यूपी में चिट-फंड कंपनी में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर आठ करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी करने वालों ने रिच सिगनल मल्टी नेशनल बिजनेस लिमिटेड व ऑल ट्रेड मार्ट लिमिटेड कंपनी के नाम से ऑफिस खोल रखा था। जालसाजों ने लोगों को रकम शेयर मार्केट में लगाकर अधिक मुनाफे का लालच दिया था। शुरुआत में लोगों को लाभांश भी दिया गया फिर दफ्तर में ताला बंद कर जालसाज फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत और एसएसपी के आदेश पर चौरीचौरा थाने में तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।केस दर्ज कराने वाले दिलेजाकपुर निवासी श्यामजी रावत ने बताया कि चौरीचौरा क्षेत्र के सरैया निवासी सुशील कुमार निगम, किशन कुमार निगम व रश्मि बाला ने फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये हड़प लिया। श्यामजी से 80 , गिरिजेश से 15, प्रहलाद सिंह से 34, रामपत से 50, राजन निषाद से 6 और अशोक निषाद से दस लाख रुपये की ठगी की गई। इसके अलावा कई अन्य अन्य लोगों को मिलाकर कुल आठ करोड़ रुपये की ठगी की गई।
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यूपी में चिट-फंड कंपनी में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर आठ करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी करने वालों ने रिच सिगनल मल्टी नेशनल बिजनेस लिमिटेड व ऑल ट्रेड मार्ट लिमिटेड कंपनी के नाम से ऑफिस खोल रखा था। जालसाजों ने लोगों को रकम शेयर मार्केट में लगाकर अधिक मुनाफे का लालच दिया था। शुरुआत में लोगों को लाभांश भी दिया गया फिर दफ्तर में ताला बंद कर जालसाज फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत और एसएसपी के आदेश पर चौरीचौरा थाने में तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।केस दर्ज कराने वाले दिलेजाकपुर निवासी श्यामजी रावत ने बताया कि चौरीचौरा क्षेत्र के सरैया निवासी सुशील कुमार निगम, किशन कुमार निगम व रश्मि बाला ने फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये हड़प लिया। श्यामजी से 80 , गिरिजेश से 15, प्रहलाद सिंह से 34, रामपत से 50, राजन निषाद से 6 और अशोक निषाद से दस लाख रुपये की ठगी की गई। इसके अलावा कई अन्य अन्य लोगों को मिलाकर कुल आठ करोड़ रुपये की ठगी की गई।श्यामजी ने पुलिस को बताया कि कंपनी में निवेश के बाद कुछ महीनों तक लाभांश भी दिया गया। जालसाज, निवेशकों की मीटिंग करके कंपनी के कार्य व बिजनेस का प्रदर्शन कर लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करते थे। कंपनी के नाम से शेयर सर्टिफिकेट सूरज राय, किशन, विनोद सिंह यादव व मनीष सिंह के हस्ताक्षर से जारी हुआ था, जो फर्जी व कूटरचित पाया गया।चार निवेशकों की खुदकुशी का दावा ठगी के शिकार एक पीड़ित ने चार निवेशकों की आत्महत्या और हार्ट अटैक से मौत होने का किया दावा किया है। उसने पुलिस को उन चार लोगों के नाम भी दिए हैं। पुलिस इन आरोपों का भी सत्यापन कर रही है।
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