बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर पुल ध्वस्त, बस बीच में फंसी; प्रशासन ने जारी किया डायवर्जन
बिलासपुर| छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर एक बड़ा और गंभीर हादसा होते-होते टल गया। बीते 2 अगस्त की शाम करीब 5 बजे इस मार्ग पर बना एक पुराना पुल अचानक बीच से टूट गया, जिसके चलते उस वक्त वहाँ से गुजर रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर बीच में ही फंस गई। राहत की बात यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में बस में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। बस का अगला हिस्सा टूटे हुए स्लैब के किनारे पर अटक गया, जिससे वह सीधे नीचे नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई।
बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर टूटा पुल, थम गई आवाजाही
मिली जानकारी के अनुसार, बांसाझाल के पास स्थित यह पुल लगभग 35 वर्ष पुराना था और काफी समय से जर्जर स्थिति में था। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद इसकी हालत और भी अधिक दयनीय हो गई थी। यह मार्ग बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 का हिस्सा है, जिसे 510 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। खराब गुणवत्ता और मेंटेनेंस के अभाव के कारण इस सड़क पर कई अन्य जगहों पर भी बड़ी-बड़ी दरारें देखी गई हैं।
कई प्रमुख रूट हुए डायवर्ट, संपर्क कटा
पुल के अचानक टूटने और धंसने की वजह से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ का सीधा सड़क संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद करा दी है और यातायात को सुचारु रखने के लिए कई वैकल्पिक रूटों को डायवर्ट कर दिया गया है।
चलती बस के नीचे धंस गया पुल का स्लैब
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही एक यात्री बस पुल के ठीक बीच वाले हिस्से में पहुँची, वैसे ही अचानक पुल का भारी-भरकम स्लैब नीचे की ओर धंस गया। बस का आगे का हिस्सा टूटे हुए पुल के कगार पर जाकर लटक गया। गनीमत यह रही कि बस कुछ फीट और आगे नहीं बढ़ी, वरना वह सीधे तेज बहाव वाली नदी में जा गिरती और एक बड़ा नरसंहार हो सकता था।
अत्यंत जर्जर और पुराना था बांसाझाल पुल
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बांसाझाल पुल करीब 35 साल पुराना होने के कारण काफी कमजोर हो चुका था। लगातार हो रही भारी बारिश के दबाव और पानी के तेज बहाव के कारण पुराने हो चुके इस ढांचे को संभाल पाना मुश्किल हो गया, जिसके चलते इसका स्लैब अचानक बैठ गया। फिलहाल प्रशासनिक और तकनीकी अमला मौके पर स्थिति का जायजा ले रहा है।
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