लखनऊ| उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चिल्ला शाहबाजी गांव में अवैध रूप से चल रहे पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए भीषण विस्फोट के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। इस अत्यंत गंभीर घटना में अपनी डयूटी के दौरान भारी लापरवाही बरतने के आरोप में पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी समेत कुल सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस दर्दनाक विस्फोट की चपेट में आने से कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र द्वारा जारी किया गया आदेश

प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह भयानक हादसा गत 31 अगस्त को सुबह लगभग 11:30 बजे चिल्ला शाहबाजी गांव में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री और भंडारण इकाई में हुआ था। इस मामले में पिपरी थाने में कुल छह नामजद आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहले ही निलंबित किया जा चुका था फैक्टरी संचालक का परमिट

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण का मुख्य आरोपी नौशाद अली (पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी) पूर्व में भी प्रशासनिक कार्रवाई की चपेट में आ चुका था। उसके नाम पर जारी पटाखा निर्माण और भंडारण संबंधी लाइसेंस/अनुमति को नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं पाए जाने पर 4 अप्रैल 2024 को ही निलंबित कर दिया गया था।

इसके बावजूद, बाज न आते हुए आरोपी के खिलाफ अक्टूबर 2024 में भी अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे जेल भी भेजा गया था। हालांकि, जेल से छूटकर बाहर आने के बाद आरोपी द्वारा कथित तौर पर फिर से वही अवैध कारखाना चुपचाप चलाया जा रहा था। इसी दौरान 31 अगस्त को हुए इस विनाशकारी विस्फोट में 11 मासूमों की जान चली गई।

लापरवाही बरतने वाले इन सात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

इस वीभत्स हादसे के समय पिपरी थाने के अंतर्गत आने वाली चायल चौकी के प्रभारियों और तत्कालीन थाना क्षेत्र के सुरक्षा तंत्र से जुड़े अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रशासनिक स्तर पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि इन जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का सही से निर्वहन नहीं किया और समय रहते अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई। इसी आधार पर जिन सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  1. निरीक्षक शिवचरण राम

  2. उपनिरीक्षक विकास सिंह

  3. उपनिरीक्षक विनय सिंह

  4. उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह

  5. उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता

  6. उपनिरीक्षक मनीष पाल

  7. उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी

पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई न करने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति घोर उदासीनता बरतने के कारण इन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।