अलीपुर में आग से मचा हड़कंप, दो गोदाम धू-धूकर जले
नई दिल्ली:राजधानी के बाहरी उत्तरी जिले के अलीपुर इलाके में स्थित ठेके वाली गली से एक बेहद डरावनी घटना सामने आई है, जहां शुक्रवार देर रात अचानक दो बड़े गोदामों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने कुछ ही मिनटों में दोनों इमारतों को अपनी आगोश में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इस बात की जानकारी अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां पूरी तैयारी के साथ मौके पर रवाना हुईं और दमकलकर्मियों ने अपनी सूझबूझ से कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग की लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया।
त्वरित राहत कार्य और जनहानि से बचाव
इस बेहद गंभीर और बड़े हादसे के बीच सबसे राहत की बात यह रही कि घटना के समय गोदामों के भीतर कोई भी मजदूर या कर्मचारी मौजूद नहीं था। दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के कारण समय रहते आस-पास के रिहायशी हिस्से को भी सुरक्षित कर लिया गया था, जिसके चलते इस पूरे हादसे में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी की जान जाने जैसी कोई अप्रिय सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, इस अग्निकांड के कारण गोदाम मालिकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
शुरुआती जांच में सामने आई दुर्घटना की वजह
घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस बल ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद शुरुआती तफ्तीश शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच और परिस्थितियों को देखने के बाद अधिकारियों का मानना है कि दोनों गोदामों में से किसी एक में बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से पहले चिंगारी उठी होगी, जिसने बाद में एक बड़े हादसे का रूप ले लिया। हालांकि, प्रशासन इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि कहीं गोदाम परिसरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी।
ज्वलनशील सामग्रियों के कारण तेजी से फैली लपटें
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिन गोदामों में यह आग भड़की, वहां पैकेजिंग और अन्य व्यावसायिक उपयोग से जुड़ी सामग्रियों का भारी स्टॉक मौजूद था। गोदामों के ऊंचे टिन शेड के नीचे बहुत बड़ी मात्रा में कार्डबोर्ड (गत्ते) और फॉइल पेपर के रोल्स जमा करके रखे गए थे, जो बेहद ज्वलनशील माने जाते हैं। जैसे ही इन सामग्रियों ने आग पकड़ी, वैसे ही लपटों की तीव्रता कई गुना बढ़ गई और आग एक हिस्से से दूसरे हिस्से में बेहद तेजी से फैलती चली गई, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
नुकसान का आकलन और सुरक्षा ऑडिट की मांग
आग पूरी तरह बुझ जाने के बाद अब दोनों गोदामों के भीतर बचे मलबे को हटाने और संपत्ति को पहुंचे नुकसान का सटीक आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बड़ी घटना के बाद स्थानीय व्यापारिक संगठनों और निवासियों ने औद्योगिक एवं अर्ध-औद्योगिक इलाकों में स्थित अन्य गोदामों के सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसे खतरनाक हादसों को रोकने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पुख्ता अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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