स्वच्छ सर्वेक्षण 2025: इंदौर-देपालपुर की जोड़ी को बरकरार रखना होगा अव्वल स्थान
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में शनिवार से स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बार की डगर इंदौर के लिए पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाली है, क्योंकि इस महामुकाबले में देश भर के कुल 4909 शहर मैदान में हैं। इस बार के सर्वेक्षण में सबसे बड़ा बदलाव 'सुपर स्वच्छ जोड़ी' मॉडल के रूप में सामने आया है, जिसके तहत इंदौर को देपालपुर के साथ जोड़ा गया है। अब दोनों शहरों की स्वच्छता व्यवस्था का संयुक्त मूल्यांकन (जॉइंट असेसमेंट) किया जाएगा, जो अंतिम रैंकिंग तय करेगा। जांच टीम 31 मई तक शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन, बाजारों, पर्यटन स्थलों और ट्रांसपोर्ट सिस्टम का कड़ा निरीक्षण करेगी।
सूरज, अहमदाबाद और नवी मुंबई से सीधी टक्कर, 'सुपर स्वच्छ लीग' पर नजर
इस नए 'सुपर स्वच्छ जोड़ी' मॉडल का मुख्य उद्देश्य पिछले सालों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को आपस में जोड़कर क्षेत्रीय विकास और कचरा प्रबंधन को मजबूत करना है। इस कड़े मुकाबले में इंदौर की सीधी टक्कर सूरत, अहमदाबाद और नवी मुंबई जैसे देश के दिग्गज और साफ-सुथरे शहरों से है। इन सभी टॉप शहरों के प्रदर्शन के आधार पर ही यह तय होगा कि 'सुपर स्वच्छ लीग' के शीर्ष पायदान पर कौन सा शहर बाजी मारेगा।
12,500 अंकों की महापरीक्षा, कचरा पृथक्करण पर रहेगा विशेष फोकस
स्वच्छता का यह पूरा खेल कुल 12,500 अंकों पर टिका हुआ है। राहत की बात यह है कि इंदौर अपने पुराने कड़े जनहित कार्यों की बदौलत 'वाटर प्लस' और 'सेवन स्टार सर्टिफिकेशन' के तहत 2000 अंक पहले ही अपनी झोली में डाल चुका है। अब असली परीक्षा बाकी के 10,500 अंकों के लिए होनी है। केंद्रीय टीमें शहर के आवासीय इलाकों, कमर्शियल मार्केट और कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स का दौरा करेंगी। इस दौरान घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण (सेग्रिगेशन), 13 प्रोसेसिंग यूनिट्स और 12 आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल) सेंटरों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा जाएगा।
सिटीजन फीडबैक में इंदौर देश में अव्वल, 31 हजार से सीधे 7.46 लाख पर पहुंचा आंकड़ा
इंदौर के लिए इस सर्वेक्षण के बीच एक बेहद सुखद और बड़ी खबर आई है। शहरवासियों ने अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए 'सिटीजन फीडबैक' के मामले में इंदौर को पूरे देश में नंबर वन पायदान पर पहुंचा दिया है। कुछ ही हफ्तों के भीतर इंदौर ने एक लंबी छलांग लगाई है; जहाँ पहले महज 31 हजार लोगों ने फीडबैक दिया था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 7 लाख 46 हजार के पार हो चुका है। चूंकि अंतिम रैंकिंग में सिटीजन फीडबैक के लिए 500 अंक निर्धारित हैं, इसलिए नागरिकों की यह भागीदारी इंदौर को फिर से शीर्ष पर बनाए रखने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
एक गलती और कटेंगे अंक; खुले में कचरा फेंकने और शौच करने पर भारी जुर्माना
इंदौर नगर निगम ने इस बार रैंकिंग को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि धरातल पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं भी खुले में कचरा फेंका हुआ पाया गया तो सीधे 100 अंकों की कटौती होगी, वहीं खुले में शौच (ओडीएफ नियमों का उल्लंघन) मिलने पर सीधे 400 अंक काट लिए जाएंगे। नागरिकों की एक छोटी सी लापरवाही भी शहर को सात साल के स्वच्छता के ताज से महरूम कर सकती है, इसीलिए प्रशासन जुर्माने के साथ-साथ लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि स्थायी स्वच्छता मॉडल को बरकरार रखा जा सके।
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